सोमवार, 3 फ़रवरी 2025

दिवाली- 1





#इन्दु_बाला_सिंह


दूसरों की रोशनी देख कर खुश हैं  हम 


अपनी तो ऐसे ही दिवाली मनती है 


द्वार पर जलाये हैं दो दिये 


मैंने 


मन का अंधियारा भी तो दूर करना है ।


27/10/24


#indubalasingh #hindipoetry

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