#इन्दु_बाला_सिंह
जीवन के उत्तरार्ध में ज्ञान होता है लड़की को
अपने घर में अपना महत्व
ब्याह के बाद , पति के गुजरने पर या उम्रदार कुंवारी होने पर दिखता है उसे
अपने घर में …समाज में अपना स्थान
वह सोंचती है
काश वह भी अपने भाई की तरह कमासुत होती
पड़ोसी और रिश्तेदारों को अपनी उपस्थिति महसूस करवा पाती
काश की भावना के संग उसका गंतव्य आ जाता है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें