शुक्रवार, 30 मार्च 2018

मन न मारना


- इंदु बाला सिंह

मन एक प्यारा सा भोला बच्चा है 
वह चुप रहता है ..
अपनेआसपास की दुनिया देखता रहता है ....महसूसता रहता है ।
इसे फुसला कर हम इससे बहुत सारे काम करवा लेते हैं ....
पर यह अपनी चंचलता , ताजगी खोने लगता हैं ...
अबोध मन सपने देखता है
आखिर क्यों मारते हैं हम अपना मन ।

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