- इंदु बाला सिंह
गांव में दादी कहानी सुनाती थी ...
एक बार ब्रह्मा पेट बनाना भूल गये
और आदमी रिश्ते पहचानना भूल गया
तब से ब्रह्मा बड़ी सावधानी से अपनी सृष्टि रचते हैं ।
मैं अपने पोते को कहानी सुनाती हूं ....
एक आदमी था
वो पैसे संचय करना भूल गया
और रिश्ते उस आदमी को भूल गये ।
एक बार ब्रह्मा पेट बनाना भूल गये
और आदमी रिश्ते पहचानना भूल गया
तब से ब्रह्मा बड़ी सावधानी से अपनी सृष्टि रचते हैं ।
मैं अपने पोते को कहानी सुनाती हूं ....
एक आदमी था
वो पैसे संचय करना भूल गया
और रिश्ते उस आदमी को भूल गये ।
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