शुक्रवार, 30 मार्च 2018

लेखक बनो , नाम कमाओ


- इंदु बाला सिंह


रोती महिला पर लिखो .....
पिटती औरत पर लिखो ....
परिवार का पेट भरने के लिये बिकती औरत पर लिखो ....
अरे !
कलम चलाना है ...
नाम कमाना है ....
तो लिखो न अपनी माँ पर
जिसे तुम याद करते हो आज भी अपने संस्मरण में फेसबूक पर ...
वैसे मां के वृद्धाश्रम में रहने का खर्च तुम्ही तो उठाते हो ।

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