03
September 2014
07:43
-इंदु बाला
सिंह
कभी न कूटना
अपनी औलाद के
सपने
अपनी ढेकी
में
क्योंकि
ढेकी से
निकला वह चावल
तेरे किसी
काम का नहीं होगा
खो कर अपने
सपने तेरी ढेकी में
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