- इंदु बाला सिंह
तुम सूरज हो ..... में धरती
बेहतर है ...... हम दूर रहें ....... अपनी परिधि में ही विचरण करें .......
यह न पूछना - आखिर क्यूं |
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.