गुरुवार, 16 जून 2016

मौन छायायें

Indu Bala Singh

अल्ट्रासाऊंड से पता चला
दुःख है गर्भ में .......
डाक़्टर ने समझाया - गिरा दो गर्भ  ...
संतान तो प्यारी होती है
और वह भी पहली संतान !
कभी नहीं मुक्त होउंगी अपने अंश से .........
आज  सबने छोड़ा   साथ  मेरा ......
दुख   ...... मेरी कलम में स्याही सा चढ़   ....... रंग रहा है  सफेद कागज  .....
न जाने क्यों आ खड़ी हो गयी  हैं मेरे इर्द गिर्द ........   न जाने कितनी  मौन छायायें | 

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