बुधवार, 28 अक्टूबर 2015

छाया ही है सच्ची गुरु


29 October 2015
10:07


-इंदु बाला सिंह 

देख के
होते कुपित या रूठते
सूरज को हम पे
सदा साथ रहनेवाली हमारी मित्र छाया
छुप जाती है पल भर में
और
समझा जाती है हमें ..............
कितना ही अपना कोई क्यों न हो
छोड़ देगा 
वह साथ हमारा
आ खड़ी होगी मुसीबत सामने हमारे ...........

छाया ही तो है
सच्ची गुरु
इस नश्वर जग में   |

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