16
December 2014
20:40
-इंदु बाला
सिंह
यह कैसी
विडम्बना है
जीते जी
तरसें
जन्मदाता
बेटे
बहु के हाथ से पीने को जल
पर
मरणोपरांत
वे अजूरी से
जल पिलायें |My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.