विभिन्न
भाषाओँ में
जब हम हाय
हैलो करते हैं
तब
हम
शोशल हो जाते हैं
मित्रों से
घिरे रह
मुखौटे धारी
बने रहते हैं
इसीलिये तो
जितनी भाषाएँ
सीखते जाते हैं
उतना ही
हमारा जीना
सहज होता जाता है |My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.