करे जो मेल !
अभाव में वो उठे
गगन छुए |
क्रोध
सुनामी
तट छोड़ वो दौड़े
बिखेरे हमें |
क्रोध से बड़ा
दुश्मन न जग में
सम्हलना
तू |
क्रोध न कर
हल निकाल ले
तू
प्रश्न
का आज |
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.