Monday,
April 02, 2018
6:17 AM
-इंदु बाला
सिंह
भीड़
में रह कर भी भानेवाला अकेलापन
न जाने कैसे
बदल गया
सूनेपन में
.....
यह आंधी से
पूर्व की निस्तब्धता थी
आंधी का सामना
कर पाना भी तो मनोबल बढ़ाता है
और
मैं निकल पड़ी
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My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.