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रविवार, 15 अप्रैल 2018
अदम्य आकांक्षा
Monday, April 16, 2018
6:39 AM
हर हार के बाद फनफना उठता है मन क्रोधित हो दौड़ पड़ता है वह ....एक जीत के लिये .... तुम मुझे ठग न सकती ओ क्रूर नियति ! तेरी हार का डूबता सूरज देखने की अदम्य आकांक्षा है ।
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