Tuesday,
May 01, 2018
9:56 AM
-इंदु बाला
सिंह
राजनीतिज्ञ
सपने बेचता है
अबोध मन को
होश आते ही नींद टूट जाती है
उम्र
गुजर चुकी रहती है ..
जीवन की खुशी
तो अबोधता में ही है ....
आधा पेट खा
... सो कुत्ते की नींद ..ओ स्वप्निल युवा |
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