06 May
2015
20:03
-इंदु बाला
सिंह
ज्यादा इमानदारी पागलपन है
सुधर जा
अब भी मौका है
मौका देख कर खोलना मुंह
वर्ना
अकेला हो
जायेगा
मौन से बड़ा न कोई सत्य है
जिसने समझ लिया
वह जी लिया |My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.