बुधवार, 30 सितंबर 2026

छोटा बेटा


 

मेरा पिता खो गया बचपन में

सपने देखे मैने

अंग्रेजी पढ़ कर नौकरी तलाशी

डाटा साइंस भी पढ़ लिया

पर नौकरी सोने के हिरण सी छलती गई

हाथ ही न आई

किसी राज्य का बाशिंदा न था

छोटी जात का न था

महज भारतीय पुरुष था

सच्चाई और मेहनत की उंगली पकड़ चलता रहा

जेब फटी थी

जो पैसे आए

विकराल अभाव के कुएं में गिरते रहे

मां बहन अपना मकान के सपने देखते रहे

और

मैं घर का छोटा बेटा अपना परिवार बसाने का

सपने आते रहे

बाल सफेद होते रहे ।

 

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