My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
वैराग्य आता है
स्वार्थी पिता , पति और पुत्र की तरह
तुम्हें किसी भी उम्र में
छुड़ा देता है ....
तुम्हारा हर दुनियावी रिश्ता
वानप्रस्थ कर देता है वह तुम्हे
तुम देश के आदर्श नागरिक नहीं रह पाते ।
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