लड़की को कॉलेज में एडमिशन में कोटा है
सरकारी छात्रवृत्तियां हैं
घरों में मुहल्लों में नवरात्रि में पूजी जाती हैं कन्याएँ
भाइयों की तरह पिता से पिटाई नहीं खाती लड़कियां
घर की इज्जत होती हैं लड़कियां
घर की नींव बनती हैं लड़कियां
फिर भी
साहित्य महिलाओं पर होनेवाले अत्याचार से भरा पड़ा है
आखिर क्यूँ और कैसे ।
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