शनिवार, 8 अगस्त 2026

काम चाहिये


 

 

किसान ने अपने चारों बच्चों को पढ़ने का मौका दिया

 

नौकरी मिल जाएगी

 

घर सम्हल जाएगा

 

माँ घर संभालती रही

 

अपनी  निकम्मी संतानों का दुख भोगती रही

 

दोनों बेटे और एक बेटी ट्यूशन कर के हाथ खर्च निकलते रहे

 

प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते रहे

 

वैकेंसी चार साल बाद निकली

 

प्रश्नपत्र लीक हुआ

 

रईसों ने प्रश्न पत्र खरीद लिया

 

परीक्षा कैंसल हो गई

 

भाई को काम मिला औरबहन को

 

न उनका ब्याह हु

 

माँ पूरे परिवार का खाना बनाती रही

 

बीमार पड़ती रही

 

इलाज के लिए पैसे चाहिए थे

 

डॉक्टर फ्री में देख लिया था

 

पर दवाओं के लिए पैसे नहीं थे घर में

 

माँे अपने सपनों को गाँव की नदी में बहा दिया

 

अब बच्चे जंतर मंतर की भीड़ में जुड़ गये हैं

 

वे आंदोलनरत हैं ।

 

 

 

 

 

 

 

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