मंगलवार, 4 अगस्त 2026

भगवान के पैसे


 

 

कम आमदनी थी

 

ऑफिस जाने का भाड़ा के लिए

 

वह अपनी माँ के भगवान के सामने रखे सिक्के चुरा लेती थी

 

भगवान जी !

 

मैं अगले महीने तनख्वाह मिलने पर लौटा दूंगी

 

और

 

वह हर महीने भगवान की मूर्ति के सामने वापस रख भी देती थी

 

हर महीने कोई नई जरूरतें पैदा हो जातीं थीं

 

और

 

उसे भगवान के सामने रखे पैसे उठाना पड़ता था ।

 

 

 

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