My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
गूगल फोटो ने पुरानी याद दिखाई
भरे पूरे परिवार की
सब खुश थे
जमी ़बर्फ़ क्रच आवाज के साथ मन की दीवार छोड़ दी
अब श्रम करने की सामर्थ्य न रही
समय ने सब तहस नहस कर दिया था
आज आंखों में सुखद स्वप्न के निशान न हैं
चालीस वर्ष भी कुछ होते हैं ।
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