- इंदु बाला सिंह
दिन भर का थका हारा तन लौटता है
औऱ
दिखने लगता है उसे
अपना मकान ....
कितना सम्मोहन रहता है अपने मकान में
यूं लगता है मानो वह ... आतुर हो मिल बैठ बतियाने को
रात कट जाती है सुरक्षित
मकान की कीमत घरहीन से नहीं मकानहीन से पूछो ।
दिन भर का थका हारा तन लौटता है
औऱ
दिखने लगता है उसे
अपना मकान ....
कितना सम्मोहन रहता है अपने मकान में
यूं लगता है मानो वह ... आतुर हो मिल बैठ बतियाने को
रात कट जाती है सुरक्षित
मकान की कीमत घरहीन से नहीं मकानहीन से पूछो ।
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