गुरुवार, 6 सितंबर 2018

शाम हर रोज आती है


- इंदु बाला सिंह

शाम आती है

तैयार करती है हमें

नयी सुबह के लिये ....

कभी कभी शाम आती है

हमें अलविदा कहने के लिये ...

बेहतर होता है .… कम असबाब रखना ।

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