- इंदु बाला सिंह
किताबें तो किताबें होतीं हैं नयीं हों या पुरानीं
इतिहास कीं हों या विज्ञान कीं
गणित की हों , महापुरुषों या परियों की ..
रख दो न उन्हें आलमारी में नैपथलीन की गोलियां डाल कर
क्या पता घर में कोई बालक पुस्तक प्रेमी निकल जाये
और ये पुस्तकें उसकी मित्र बन जायें
उसका मार्गदर्शन करें ....
जिसने भी पुस्तकों से प्रेम किया
पुस्तकों ने उसका साथ ...आजीवन निभाया ।
किताबें तो किताबें होतीं हैं नयीं हों या पुरानीं
इतिहास कीं हों या विज्ञान कीं
गणित की हों , महापुरुषों या परियों की ..
रख दो न उन्हें आलमारी में नैपथलीन की गोलियां डाल कर
क्या पता घर में कोई बालक पुस्तक प्रेमी निकल जाये
और ये पुस्तकें उसकी मित्र बन जायें
उसका मार्गदर्शन करें ....
जिसने भी पुस्तकों से प्रेम किया
पुस्तकों ने उसका साथ ...आजीवन निभाया ।
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