- इंदु बाला सिंह
गर्मी की सुबह पार्क के ट्रैक पर चलते चलते न जाने कैसे मैं सड़क पर पहुंच जाती हूं
और नन्हे तुम मेरे बगल में चलने लगते हो ......
तुम्हारी आँखों में उत्सुकता तैरने लगती है
सड़क सजीव हो उठती है ।
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.