सोमवार, 11 मार्च 2013

छोटी लड़की


भात और कमरा मिल जाय
बस और क्या चाहिए
लड़कियों को
जी लेती हैं वे जीवन सुख से
भला हो उन बड़े लोगों का जिन्होंने बनाये
आउट हॉउस वाले मकान
कमरा उसे ही मिलेगा जो करेगा घर में काम
खाना भी मिलेगा
बस एक छोटी लड़की बन जाती है
सहारा अपने माँ बाप के परिवार का
और बड़े लोगों के परिवार का जरूरत
बड़े लोगों के दिए नए व पुराने कपड़ों में
उसका तन चमकता रहता है
सड़क की भूखी निगाहों से सुरक्षित रहती है
यह लड़की
विद्यालय जाने से
क्या फायदा
बड़े बड़े लोग अपने परिवार के लिये
भात और कमरा जुटाते जुटाते मिट जाते हैं
यही छोटी लड़की एक दिन
उम्र बढ़ने पर
ब्याह के बाद  
दूसरे आउट हॉउस में चली जाती है
जी लेती है
खुश रहती है
यह कामवाली लड़की
अपने घर की धुरी होती है लड़की
बड़े घरों की सहायिका होती है लड़की |

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