मंगलवार, 18 मार्च 2014

आधा खाली पेट

पेट भरा रहे
तो
है दुःख ही दुःख जग में
कामनाएं अनंत हैं ........
इस लिए
मैं
पेट
आधा खाली रखता  हूं
और
भूखा रहता  हूं........
ऐसी स्थिति में
मैं
रोजगार के लिए 
भूख मिटाने बेहतर तरीके
ढूंढने में 
प्रयत्नशील रहता हूं  |





मृत्यु भोज दिया

धन्यवाद तुम्हें .......
तुमने
अपने उस सगे  का
दाह संस्कार किया
और
मृत्यु भोज दिया
उसके नाम पे
जो
सदा अन्न
और
मान के लिए तरसता रहा ........
तुम्हारी
संस्कृति पर नाज है
संस्कृति को |


सहिष्णु माँ

बच्ची रोती जा रही थी
माँ काम करती जा रही थी
माँ सहिष्णु थी
बिटिया सहिष्णुता सीख रही थी |

कामवाली की कीमत

कामवाली की कीमत
घरवाली जाने
पर
उसका मेहनताना
घर को बर्फ बनावे ........
दुबली पतली कामवाली
जब
तेजी से
गुजरे
सड़क से
तब
सौभाग्यशालियों के कलेजे पे
सांप लोटे |

अंधेरा को भगा दिया

अंधेरे को
घुसते देख
घर में
उसने
कांच की खिड़की बंद कर 
पर्दे खींच दिए
और
बल्ब का स्विच आन कर  दिया .............
मन अंधकार भी तो दूर करना था
इसमें
कम्प्यूटर के की बोर्ड ने सहायता की
अक्षरों की कालिमा में
मन का अंधकार उतर गया ............
अब वह
प्रसन्नचित था
टेबल से हॉट काफी की चुस्की लेने लगा ........
उसकी
आंख के आगे
आनेवाले कल की
रूपरेखा उभरने लगी |



युवती और भाग्य

युवती
मिल्कियत होती है
पिता , पति या पुत्र की ........
दुर्भाग्यशाली नागरिक होती है
वह
समाज में .................
गर तीनों में से एक भी
गर न होय
जिस युवती  का ..........
वह युवती
आजीवन कर्म योगी
गुलाम से भी बदतर हो जाती  है ........
सब कुछ
देख
समझ बूझ
कर भी युवती सपने बुनती है
क्यों कि
उसे
अपने कर्म पर नहीं
ईश्वर की असीम सत्ता के जादुई
पुस्तक में
लिखे
घूरे के दिन भी फिरने पर
विश्वास रहता है |








उठाई लाठी

उठाई ली लाठी
दे मारी मैं कुत्ते पे
पड़ोसी चौंक गया |

बाहर कौतुहल  है
सड़क पर कुत्ता रो रहा
पड़ोसी संतुष्ट है |