शनिवार, 13 दिसंबर 2025

देवी के देश में


 

 

कचड़े में खाना ढूंढती गाय

 

बेटे के घर के पिछले कमरे में गठरी बनी मां

 

गांव में छूटी पत्नी

 

इलेक्शन के समय याद आतीं है

 

वैसे हम रोज देवी के सामने धूप जलाते है

 

घंटी भी बजाते है

 

एन जी ओ भी सम्हालते है

मंगलवार, 9 दिसंबर 2025

लड़कियां


 

 

एक पुश्त को आजादी न मिली

 

दूसरी को अभाव मिला

 

तीसरी को मात्र कमाना खाना मिला

 

तीनों पुश्त ने श्रम किया मजदूर की तरह

 

किसी पुश्त को वसीयत में मकानमिला

 

लड़कियां थीं न ।

औरत और बकरा


 

 

औरत बचा लेती है समय अपने लिये

 

रात उसकी अपनी होती है

 

कोई कोना तलाशती है वह

 

और

 

अकेली बैठती है

 

यह उसका अपना साम्राज्य है

 

जिसकी वह मालकिन है

 

यादें उतरतीं हैं उसके सामने

 

कभी वह उन्हें चित्रबद्ध करती है

 

तो कभी लेखनबद्ध

 

दिमाग खाली हो।जाता है

 

फिर बीज पड़ते है

 

निकली कोंपल को

 

करे के डर से

 

पिंजड़े में रख सो जाती है ।

गुरुवार, 4 दिसंबर 2025

दिन के बाद


 

 

रात आती है

 

विश्राम का सुख देने

 

यादें भी आ जातीं हैं चुपके से

 

रात गहराने लगती है

 

और दूर से सन्नाटे में सुनाई देती है

 

रेल की सीटी ... 

 

गड़गड़ाते हुये रेल डिब्बे भी गुजर जाती है

 

आंखों के सामने कौंध जातीं हैं उन की लाइटें ....

 

रेल ले जाती है मुझे

 

उन शहरों मे

 

जहां मैं बरसों पहले गई थी

 

धीरे धीरे दिमाग थकने लगता है ।

 

बुधवार, 3 दिसंबर 2025

बेटा जन्मा


 

 

विधुर

 

ठग कर पढ़ी लिखी लड़की से ब्याह किया

 

मैट्रिमोनियल के माध्यम से

 

पहले से दो बेटियां थीं पत्नी के उम्र की

 

संतान जन्मी

 

पुत्र जन्म की खुशीनाई उसने

 

कॉलेज पहुंच न सका

 

 बुरी संगत में पड़ गया लड़का

 

पिता से लड़ता था

 

नशा करता था

 

मां को मारता था

 

बोझ बन गया बेटा पिता पर

 

और एक दिन

 

पिता की आंखों के सामने गुजर गया

 

सोमवार, 24 नवंबर 2025

ब्याहता का दुःख


 

तीन बेटियों और दो बेटों की मां

 

मर्दिकम्मा

 

अपना दुःख बोलते बोलतेस कामवाली की आँखें भींज गईं

 

गांव में घर है खेत है भाई अनाज खाता है

 

मुझे नहीं देता.........

 

चेतना दुख देती है ।

बुधवार, 19 नवंबर 2025

आवाजें



रह जाती हैं आवाजें 

इंसान के गुजरने के बाद 

वे 

हमें आजीवन सुनाई देतीं हैं.....


जब जब हम अकेले होते हैं।