My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
कैसी होती होगी वो उम्र
अजीब होती होंगी वे लड़कियां
सपने देखती होंगी जो
किसी लड़के का घर
सजाने का
आंगन में फूल खिलाने का ..........
आज साठ वर्ष की उम्र में
याद कर रही हूं
उन स्वप्निल लड़कियों को .......
काश
लड़कियां अपने मकान का सपना देखतीं ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें