मेरा बेटा
देश हित मिटा
नाज है
मुझे उसपे
पर
दिल का एक
कोना खाली है
जहां मेरी
रूह तडपती है उसके लिये
माँ हूँ
पत्थर नहीं
हर वर्ष
जब तुम सब
श्रद्धा सुमन अर्पित करते हो उसे
मेरा कोना
विह्वल कर देता है मुझे
क्यों
तुम सब याद करते हो उसे ?
मैं तो उसे
भूलना चाहती हूँ
अन्यथा
पल
काटना मुश्किल हो जाता है |
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