रविवार, 25 नवंबर 2012

शहीद की माँ


मेरा बेटा
देश हित मिटा
नाज है
मुझे उसपे
पर
दिल का एक कोना खाली है
जहां मेरी रूह तडपती है उसके लिये
माँ हूँ
पत्थर नहीं
हर वर्ष
जब तुम सब श्रद्धा सुमन अर्पित करते हो उसे
मेरा कोना विह्वल कर देता है मुझे
क्यों तुम सब याद करते हो उसे ?
मैं तो उसे भूलना चाहती हूँ
अन्यथा
पल काटना मुश्किल हो जाता है |

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