अपनी ही रचना
के चरित्र से
कभी कभी इतना
दुखी हो जाता है मन
कि बुद्धि
उसे खींच ले जाती है
खबरों
के आंगन में
दोनों में पक्की दोस्ती है |
दोनों में पक्की दोस्ती है |
My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.