सोमवार, 29 दिसंबर 2025

हाथी शहर में


 

 

 

रोज की तरह वह उठी

 

सब कुछ सामान्य था सड़क पर

 

बरामदों में बत्तियां जल रहीं थीं

 

कोहरा के कारण एक मीटर से ज्यादा दूर तक सफेद चादर छाई थी

 

दूर से कोई चला आ रहा था

 

छोटी मनुष्य की आकृतियां भी पास आती दिख रहीं थीं

 

सड़क के कुत्ते कहीं दुबके पड़े थे

 

गाएं कचरे के ढेर में खाना ढूंढ रही थी

 

वह बस चलती चली जा रही थी

 

सुबह की सैर स्फूर्ति पैदा करनेवाली होती है

 

दूर से एक विशालकाय  साया तेजी से दौड़ता आ रहा था

 

जब तक वह कुछ समझे

 

उसे कुचल कर चला गया

 

बच्चे को सरकारी मुआवजा पंद्रह लाख मिला

 

हाथी शहर की सड़क पर कैसे पहुंचा

 

सरकारी कर्मचारी परेशान हैं ।

 

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