मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

रेल का यात्री



मीडिया ने परिचय कराया तुमसे

जब तक तुम्हें पहचानूं

समझूं

तुम उतर गए स्टेशन पर

निशानियां छोड़ गए 

बातें कर पाने के सुख से वंचित कर गए 

अभी कितना कुछ सीखना था मुझे तुमसे

तुम मील का पत्थर बन कर रह गए 

लोग कहते हैं 

तुम जिंदा हो अपनी रचनाओं में 

न तो भाया मुझे इतिहास 

और 

न ही इतिहास पुरुष 

भूल जाऊंगी तुम्हें एकदिन 

तुम बिंदु बन चिपक जाओगे काल के कपाल पर ।

एक #चिट्ठी जो लिख कर रख दी गई ।


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