बेटे को हक है
अशक्त उम्रदराज मां को चार बातें सुनने का
और
मां का फर्ज है अपने कमाऊ बेटे के बोल सुनने का ....
आखिर
वो बेटोंवली विधवा है ।
आज मैं सोचूं
समय रहते मां ने पुनर्विवाह कर लिया होता
तो
शायद अच्छी जिंदगी होती
इस मां की
कम से कम गोल्ड डिगर
न कहलाती मां।
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