मंगलवार, 7 जनवरी 2025

नया साल



#इन्दु_बाला_सिंह


तारीख़ बदलती है 


जीवन की जद्दोजहद चलती रहती है 


कुछ घूरों के दिन भी नहीं फिरते 


कुछ इंसान आजीवन रेंगते रहते हैं 


नया साल आता है 


और 


बिना कोई परिवर्तन किये चला जाता है ।



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