My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
आपका नाम ले कर पुकारने लगे
जब आपकी औलाद
तब
समझ लीजिये
वह
अब आपके रिश्ते को नहीं मान देता
निकल पड़ इंसान
अब इस घर को तेरी ज़रूरत न रही
लौट अब
अपने जन्मस्थान की ओर
क्यों पुकारती तू
ईश्वर मूर्ति में नहीं है
मंदिर में नहीं है
तुझमें है
मान रख अपना ।
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