बुधवार, 21 मई 2025

आना जाना


 

 

 

घर से किसी का जाना दुख देता है

 

और

 

आना खुशी

 

दुःख और सुख एक दूसरे का मुंह नहीं देखते

 

 

अनोखा रिश्ता है उनका

 

 

पर

 

 

रहते है वे हमारे घर में ही ।

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