My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
वह होश सम्हालते ही भाई को गोद में लेने लगी
माँ खाना बनाती थी
जब बड़ी हुई तो वह खाना बनाने लगी
ब्याह हुआ
तो ससुराल में खाना बनाने लगी
बेटा बड़ा हुआ
तो बेटे के घर में खाना बनाने लगी
और
वह खुश है
वह निकम्मी नहीं है ।
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