शुक्रवार, 1 जून 2012

हायकू - 15


हरसिंगार
महके एक रात
प्रसन्नचित्त |

छोटा सा फूल
सिखाये हमें जीना
पल भोगना |

रंग ली आज
चूनर मैंने देख
तेरे रंग से |

तेरा पेड़ दे
आश्रय पक्षियों को
हमें सुगंधि |

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