गुरुवार, 28 जून 2012

अनोखी सड़क

जीवन की सड़क पर 
धीमे धीमे चलने से 
नींव का शोरगुल बढ़ जाता है |
इतिहास हमें आतुरतापूर्वक पुकारता है
आवाजें विह्वल करने लगती हैं
और मन पिछले सकड़ों साल के काल में भटकने लगता है |
हाथ के मोबाइल का लोकल स्टेशन लगा
दिमाग हमें वापस ला देता है
आज में |
इतिहास के सहारे जियें हम
तो बन जायेंगे इतिहास
हमें जीना है वर्तमानकाल में |
अविष्कारों को चूमना है
अविष्कार करना है
सम्मान देना है मनुष्यता को |
अपनी औलादों को हमें
समझाना है संघर्ष के महत्त्व को
न सीखने देना है दूसरों के हक छीनने का तरीका |

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