My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी,
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मंगलवार, 13 दिसंबर 2011
यामिनी (कन्या )
04.05.06
रात्रि के सन्नाटे में
कब तक कूदती रहेंगी
अनेकों यामिनियाँ कुंए और तालाबों में
और अपनी गलती से दिग्भ्रमित पिता
उसे पाने कूदेंगे उसी जल में |
जीने का हक़ है
हर यामिनी को अपनी मरजी से
हर पिता का फर्ज है
उसे जीने देना |
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