तुम्हारी हँसीं
मेरे रसानंद का झरना है |
तुम्हारे आंसू
मेरी अतृप्त आकांक्षाओं का रुदन है |
तुम्हारे माथे का टीका
मेरे रण का विजय तिलकहै |
तुम्हारा आत्म्विश्वास से दमकता चेहरा
मेरा सुखद अहसास है |
तुममें मैं हूँ
पर मुझमें तुम न बनना
मेरा मन स्वाभिमान
तुम हो |
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