गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026

पिता

 

 

दुखेगा दिल तो फुंफकार उठेंगे

 

पिता  ...

 

सोये हैं वे

 

बेटी के दिल मे

बुधवार, 4 फ़रवरी 2026

ईश्वर को ढूंढूं मैं


 

 

एपिस्टिन फाइल खुल रही थी

 

ईश्वर गायब था

 

बच्चियां मर रहीं थीं

 

पका कर खाई जा रहीं थी

 

अबोध लड़कियां गायब हो रहीं थीं

 

किसी अखबार ने खबर छापा था

 

एक बलात्कार की भुक्तभोगी ने लिखी थी आत्मकथा

 

माहौल में सनसनी थी

 

सोया मुद्दा गरमाया

 

बालिका संरक्षण गृह क्योंनता है

 

घर  में अपनों के पास बालिकाऐं सुरक्षित नहीं हैं क्या

इतिहास की राजनीति


 

 

संतान का पैर आपके जूते में सामने लायक हो  जायेगा एक दिन

 

याद रखें

 

अपरिचित हो जाएंगे वे आपके लिये

 

मोहमुक्त रहना सुख देता

 

आपकी छाया नहीं धन चाहिए

 

उन्हे

 

नया विश्रामागार भाये

 

इतिहास की राजनीति करते वे ।